प्रिय , वित्तमंत्री जी भारत सरकार ।
महोदय , आपके कार्यकाल के साढ़े तीन से अधिक वर्ष बीत चुके हैं यानी क्रिकेट की भाषा में कहें तो पांच दिवसीय टेस्ट मैच के साढ़े तीन दिन बीत गए अब डेढ़ दिन का खेल शेष रहा हैं ।
वैसे ये पहले ही बता दूं कि आप मेरे फेवरेट खिलाड़ी कभी नही रहे हैं ।
चयन समिति (चुनाव) ने तो आपको रिजेक्ट कर दिया था पर कप्तान ने अपनी रिस्क पर आप को टीम में लिया है ।
और दूसरी बात ये भी है कि दुर्भाग्य से अरुण नाम वालो के साथ अपने अनुभव अच्छे नही रहे हैं । जिन दो-चार अरुण नाम के लोगो से में मिला हूं उनमे से एक आध ही ठीक निकले । एक जो हाल ही में मिला वह तो हद दर्जे का नल्ला , नकारा , निठल्ला और जाने क्या क्या था । खैर
कप्तान मोदीजी ने आपको अपना स्ट्राइक बॉलर बनाया हैै । इस विश्वाश के साथ की बचे हुए ओवर्स में आप न सिर्फ मैच निकाल लेंगे बल्कि टीम मोदी को सीरीज में भी बनाए रखेंगे ।
शेष समय में आपके सामने तीन चुनोतियाँ है ।
(1) लो स्कोर को डिफेंड करना ।
(2) विरोधियों को स्कोर करने से रोकना ।
(3) विरोधी टीम के विकेट निकालना ।
मोदी जी के रूप में आप को एक बेहतरीन कप्तान मिला है , लेकिन मैच निकालने के लिए टीम वर्क की आवश्यकता होती है । दूसरा एडवांटेज आपको ये है कि 545 की क्षमता वाले स्टेडियम में 300 से अधिक सीटों पर टीम मोदी के सपोर्टर काबिज है , सो मोरल सपोर्ट की आप को कमी नही है ।
एक अच्छा कप्तान अपनी समझ से अच्छे और फिट खिलाड़ी का चयन कर सकता है , उसे अपना समर्थन दे सकता है लेकिन खिलाड़ी के हिस्से का प्रदर्शन नही कर सकता ।
टीम मोदी ने अब तक जितनी ट्राफी जीती है , उनमे मोदीजी स्वयं ही मेन-आफ-द-मैच रहे हैं । साथी खिलाड़ियों का कोई उल्लेखनीय योगदान अभी तक उन्हें नही मिला ।
लेकिन अब जब महत्वपूर्ण मौके पर बाल आपके हाथों में है तब विकेट निकालना आपकी जवाबदारी है
और विकेट भी क्लींन बोल्ड ही करने होंगे क्योंकि आज कल विरोधी Drs सिस्टम के तहत बार बार थर्ड एम्पायर का व्यू मांग लेते है । और जब तक थर्ड एम्पायर का व्यू नही आता सपोर्टर की जान फंसी रहती है ।
आपके नोटबंदी और Gst वाले विकेट भी ऐसे ही थे ।
वो तो भला हो यूपी और गुजरात के थर्ड एम्पायरो का जो अंतिम फैसला आपके पक्ष में आ गया ।
मने की ऐसे विवादित विकेट मिलने पर वो मजा नही आता जो क्लीन बोल्ड , स्टम्पिंग , कॉटन बोल्ड में आता है ।
आप का मेन टारगेट है ' महंगाई ' इसको बोल्ड करने का काम आपको ही निपटाना है । और ये भी समझ लीजिये की ये विकेट लेना है तो चाइना मेन जैसी कोई नई बाल खोजिए , जेटली मेन टाइप की ।
आडनरी बालिंग से तो पिछले सत्तर साल में कोई इसका विकेट नही चटखा पाया ।
मैच तो टीम मोदी ने ही जितना है यह तय है ,किंतु शान से जीतेंगे तो उसका मजा अलग ही आएगा ।
और हाँ एक बात और , भूल कर भी नो-बॉल मत डाल देना ।
क्रिकेट में जब बॉलर का पैर क्रीज के बाहर हो जाता है तो नो-बॉल हो जाती है लेकिन सियासत में जब जुबान क्रीज के बाहर जाती है , तो नो-बॉल घोषित होती है जो मैच का रुख और परिणाम दोनों बदल सकती है ।
गुजरात मैच की याद है न , जहां मणि शंकर की जुबान क्रीज को पार कर गई थी और स्ट्राइकर एन्ड पर मोदीजी को फ्री हिट मिली थी , जिसपर मोदीजी ने पाइंट पर 99 मीटर का फ्लेट सिक्स जड़ कर फंसा हुआ मैच निकाल दिया था ।
क्या छक्का मारा था , दारी को टप्पा ही नी खाने दिया, बाल सत्ता रेखा (92) से भी सात मीटर बाहर जा कर गिरी थी ।
वैसे मोदी जी लांगऑन पर मारते तो कम से कम डेढ़ सौ मीटर का छक्का होता है , परन्तु लांगऑन पर फील्डिंग पे हार्दिक पटेल लगा हुआ था । गज्जब का फील्डर है पट्ठा , क्या उछल कूद मचाता है । इसकी फील्डिंग की कुछ वीडियो अभी सबने देखी ही है । गज्जब का टेलेंट है लड़के में ।
बाल को तो हवा में ऐसे लपकता है जिसका जवाब नही ।
और मोदीजी तो कभी छिछोरों की तरफ मूँह करके लघु-शंका भी नही करते फिर सिक्स क्यों मारते ।
और उधर डीप पाइंट पर उनका कप्तान आउल बाबा स्वयम खड़ा था । मोदीजी और आउल की स्लेजिंग चलती रहती है । ये बात अलग है कि इस स्लेजिंग में स्लेज की सवारी हमेशा मोदीजी करते है और स्लेज बेचारा आउल-द-कैप्टन ही हांफता -काँपता खिंचता है । सो टिका दिये मोदीजी उधर ही ।
वित्तमंत्री जी आप बाबा रामदेव की सलाहनुसार मुँह बन्द रख कर नाक से गहरी सांस ले और अपने काम पर ध्यान दें । नोबाल से सख्त परहेज रखें ।
वैसे भी उमाजी 2018 तक गंगा साफ़ न होने की सूरत में जल समाधि लेने वाला ब्यान देकर एक नो-बाल डाल चुकी है । वो तो गनीमत है कि विरोधी टीम में अब कोई ऐसा बल्लेबाज ही नही बचा जो फ्री-हिट पर भी बाउंड्री लगाले ।
टीम के बाकी खिलाड़ी ठीक ठाक कर रहे है ।
रक्षा मंत्री विदूषी सीतारमण भी काश्मीर बाउंड्री से थ्रो कर दो चार को रन आउट करती रहती है, रविशंकर जी ने भी तीन तलाक को बोल्ड करा है । राजनाथ जी का ग्रहमंत्रालय भी बढ़िया फील्डिंग कर रहा है विरोधी बल्लेबाज को कौमी दंगो के ओवर थ्रो , बाय के रन नही लेने दे रहा है ।
बाकी कप्तान मोदीजी तो आलराउंड प्रदर्शन कर ही रहे हैं । सुषमाजी भी अंतरराष्ट्रीय पिचों पर बाउंसर डाल कर पाकिस्तान को क्रीज के अंदर रह कर खेलने पर मजबूर कर ही रही है ।
लेकिन टीम मोदी के मेन स्ट्राइक बॉलर जेटलीजी आप है , जब तक आप बेहतरीन गेंदबाजी नही करेंगे तब तक टीम मोदी की प्रतिष्ठा अनुरूप विजय मिलने में संदेह ही रहेगा ।
आशा है मेंडेटरी ओवर्स में आप अपनी ख्याति अनुसार प्रदर्शन कर एक शानदार जीत इण्डिया के लिए हासिल करेंगे । बेस्ट-आफ-लक
भवदीय
आपके बेस्ट स्पेल की बाँट जोहता
टीम मोदी का एक सपोर्टर ।
Ashish Piplonia के फेसबुक वाॅल से
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